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Thursday, November 16, 2017

ऐशेज सीरीज में दोनों टीम दिखायेंगी अपना दम


दोनों ही टीम अब तक 32-32 बार एशेज सीरीज जीत चुकीं हैं। अब इस सीरीज में दोनों टीम एक दूसरे पे बढत बनाने की कोशिश करेंगी। इस कारण ये सीरीज ज्यादा दिलचस्प भी रहेगी।

क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के मुकाबले जब होते हैं तो पूरी दुनिया की नजरें इन मैचों पर होतीं हैं। भारत और पाकिस्तान आपस में क्रिकेट सीरीज कर्इ सालों से नही खेल रहें है, हालांकि आर्इसीसी टूर्नामेंट में दोनों देश मैच खेलते हुये दिख जाते हैं लेकिन दुनिया का सबसे पुराना और प्रसिद्ध क्रिकेट टूर्नामेंट ऐशेज पिछले 135 साल से लगातार खेला जा रहा है। चिर प्रतिद्वंदियों  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की बीच खेले जाने वाला यह टूर्नामेंट ना सिर्फ क्रिकेट की बल्कि खेलों की दुनिया के ऐतिहासिक और कड़ी प्रतिस्पर्धाओं में से एक है। सालों से दोनों देशों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन कर अपना नाम इतिहास की किताब में दर्ज कराते आ रहे हैं। एशेज में खिलाड़ियों द्वारा किया गया प्रदर्शन उनकी महानता का पैमाना माना जाता है। इस टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंदिता इतने उच्च स्तर पर होती है कि एक सामान्य खिलाड़ी भी प्रेरित होकर अभूतपूर्व प्रदर्शन करता है। इस सीरीज में अगर कोर्इ खिलाडी साधारण प्रर्दशन भी करता है तो भी वह खिलाडी एक सामान्य खिलाड़ी नही रहता है क्योकि इस सीरीज में किसी खिलाडी के लिये खेलना ही बडी बात है। यही कारण है कि दोनों टीमस् के सिलेक्टर्स के लिये एशेज के लिए सर्वश्रेष्ठ एकादश का चयन करना एक चुनौती और सिर दर्द से भरा काम रहता है। उनके मन में हमेशा डर बना रहता है कि कोर्इ बडा खिलाड़ी इस एकादश से बाहर ना हो जाए।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की एशेज सीरीज का पहला मैच 23 नवंबर से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के लिये कप्तान के तौर पर स्टीव स्मिथ की ये पहली एशेज श्रृंखला है, उधर इंग्लैंड के लिए भी एशेज में कप्तानी का दारोमदार पहली बार जो रूट के कंधो पर होगा  और ऐसे में सभी की निगाहें उन्हीं दोनों पर होंगीं। दोनों टीम अब तक 32-32 बार एशेज सीरीज जीत चुकीं हैं। इस सीरीज में दोनों टीम एक दूसरे पे बढत बनाने की कोशिश करेंगी। इस कारण ये सीरीज ज्यादा दिलचस्प भी रहेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार जीत का दावेदार ऑस्ट्रेलिया को ही माना जा रहा है। कारण इग्लैंड का बल्लेबाजी क्रम ख़ासा अनुभवी नहीं है, टीम में अनुभवी ख़िलाड़ी एलिस्टर कुक और रूट ही हैं। ऑस्ट्रेलिया ने अभी अपनी टीम नही चुनी है लेकिन ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पैट कमिंस जैसे नाम शामिल हैं, जो पहली बार टेस्ट क्रिकेट में एक साथ मैदान पर नजर आ सकते हैं और इग्लैंड के लिये मुसीबत बन सकते हैं। इग्लैंड के सेलेक्टर्स नें जो रूट, एलिस्टेयर कुक, मार्क स्टोनमैन, डेविड मलान, गैरी बैलेंस, जेम्स विन्स, मोईन अली, मेसन क्रेन, बेन फोक्स (विकेटकीपर), जोनी बैर्स्टो (विकेटकीपर), बेन स्टोक्स, क्रिस वोक्स, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन, जेक बाल, क्रेग ओवर्टन को सीरीज के लिये चुना है, जोकि कम अनुभवी दिखायी पडती है।

एशेज में आंकडे- गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की एशेज सीरीज का पहला मैच 23 नवंबर से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। यह 70वीं एशेज सीरीज होगी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच पहली एशेज सीरीज सन 1882 में खेली गयी थी जिसे इग्लैंड ने 2-1 से जीती थी। तब से अब तक दोनों के बीच 69 बार सीरीज खेली गयी है। जिसमें दोनों ही टीम अब तक 32-32 बार एशेज सीरीज जीत चुकीं हैं जबकि 5 बार ड्रा रही है। इस ऐतिहासिक सीरीज में सबसे ज्यादा रन महान बल्लेबाज डान ब्रैडमैन (5028 रन, 90 की औसत से) ने 37 मैचो में बनायें हैं। इनमें 19 शतक और 12 हाफसेंचुरी हैं। शतकों में 334 रनों की पारी भी शामिल हैं। जबकि इंग्लैंड के लिये जैक होब्स (3636 रन, 54 की औसत से) नें 41 मैचो में बनायें हैं। इनमें 12 शतक और 3 हाफसेंचुरी शामिल हैं। गेंदबाजी में शेन वार्न ने सबसे ज्यादा 195 विकेट 36 मैचो में लिये हैं जबकि इंग्लैंड के लिये इयान बौथम ने 128 विकेट 32 मैचो में हासिल किये हैं।  

जीत के क्रम को आगे बढाने उतरेगी टीम इंडिया


भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज यानि गुरूबार से कोलकाता में खेला जायेगा। टीम इंडिया यंहा पुरानी लय में ही खेलना चाहेगी। टीम जब मैदान पर उतरेगी तो उसकी नजर 9-0 को आगे बढाने पर होंगी। इसके अलावा भारतीय टीम सीरीज के तीनों मैच को जीतकर अपने घरेलु मैदानों में जीत का शतक पूरा करने की भी कोशिश करेगी। भारत ने अब तक अपनी सरजमीं पर 261 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 97 में उसे जीत और 52 में हार मिली है जबकि 111 मैच ड्रा और एक टाई रहा है।
इसके अलावा कोहली भी कप्तान के रूप में इस टेस्ट सीरीज के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। अगर उनकी अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका का क्लीन स्वीप करती है, तो वह भारत के सबसे सफल कप्तानों की सूची में महेंद्र सिंह धोनी के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हो जाएंगे।
यह टेस्ट सीरीज भारत के स्पिनर रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन के लिये भी अहम है। इस टेस्ट सीरीज के दौरान अश्विन को अपने 300 टेस्ट विकेट पूरे करने के लिए और 8 विकेट चाहिए। उन्होंने अब तक 52 टेस्ट खेले है। अगर अश्विन इस सीरीज में 300 विकेट पूरे करतें हैं तो वह ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज डेनिस लिली के 56 टेस्ट में लिये 300 विकेट का रिकॉर्ड तोड देंगे। उधर रवींद्र जडेजा इस टेस्ट सीरीज के दौरान टेस्ट रैकिंग में नंबर एक गेंदबाज और नंबर एक आलराउंडर बन सकतें हैं। अभी वे दोनो सूची में नंबर दो हैं। बता दें कि गेंदबाजी में जेम्स एंडरसन और आलराउंडरस में शाकिव अल हसन शीर्ष पर हैं।   
कोलकाता में आंकडे
टीम इंडिया ने कोलकाता में अब तक 40 टेस्ट खेलें हैं। इनमें 12 में जीत और 19 मैच ड्रा रहे हैं। इडेन गार्डन पर इंडिया के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लछमण का रिकार्ड शानदार रहा है। उन्होंने यहां 10 मैचो में 1217 रन बनायें हैं। इन रनों मे मार्च, 2001 में इसी मैदान पर बनाये गये 281 रन सहित 5 शतक शामिल हैं। गेंदबाजी में हरभजन सिंह ने यंहा 7 मैचो में 46 विकेट लिये। मौजूदा भारतीय टीम में सिर्फ रविचंद्रन अश्विन का रिकार्ड ही इस मैदान पर सही है। रविचंद्रन अश्विन नें यंहा 4 मैचों की बल्लेबाजी में 1 शतक सहित 271 रन बनायें हैं, गेंदबाजी में उन्होनें 18 विकेट भी झटके हैं। अव इस मैच में टीम के अन्य खिलाडी अपना रिकार्ड ठीक करने के इरादे से खेलेंगे जबकि अनुभवहीन टीम को लेकर आए लंका के कप्तान दिनेश चांडीमल भारत में अपनी पहली टेस्ट जीत की तलाश करेगी। उनके लिए राह आसान नहीं होगी उनका भरोसा एंजेलो मैथ्यूज और बाएं हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ पर होगा। जो 2009 में यहां दौरा करने वाली श्रीलंकाई टीम में भी थे।

Wednesday, November 15, 2017

कल से शुरू होगा पहला टेस्ट, बारिश डाल सकती है खलल


भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच कल से कोलकाता में खेला जायेगा। लेकिन मौसम विभाग ने 18 नवंबर तक बारिश की चेतावनी दी है इस लिहाज से मैच में बारिश की गाज गिरने की भी आशंका है। मैच शुरू होने से पहले भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी है, इसका कारण ढाई महीने पहले लंकार्इ दौरे पर भारत को तीनों प्रारूपों में मिली 9-0 से शानदार जीत है। उधर, श्रीलंकाई टीम पिछली शर्मनाक पराजयों को भुलाकर यहां भारत में टेस्ट सीरीज जीतने का लगभग नामुमकिन ख्वाब पूरा करने के इरादे से खेलेगी। गैरतलब है कि श्रीलंका ने 35 साल में हुये 16 मैचों में से यहां एक भी नहीं जीता है।    
मुश्किल होगा अंतिम 11 चुनना
हाल के दिनों में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और टीम के सभी खिलाडी आत्मविश्वास से भरे है, हालांकि चयन की कुछ दुविधाएं सामने हैं। ईडन की हरी भरी पिच पर भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी तय है। टीम इंडिया के पास खुद कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के अलावा चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन, मुरली विजय, ऋद्धिमान साहा के रूप में शानदार बल्लेबाज हैं। वहीं, निचले क्रम में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा भी बल्ले से अहम योगदान दे सकते हैं। कोहली तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ उतर सकतें है। टीम इंडिया पांच जनवरी से शुरू हो रहे दक्षिण अफ्रीकी दौरे की तैयारी यंही से शुरू कर रही है, लिहाजा टीम अपनी बेंच स्ट्रेंथ को मौका दे सकती है। गौरतलब है कि भारत को साउथ अफ्रीका में तीन टेस्ट, छह वनडे और तीन टी-20 मैच खेलने हैं। लेकिन टीम के उपकप्तान रहाणें पहले ही बोल चुकें है कि टीम इंडिया, लंका को हल्के में नही लेगी क्योंकी उनकी टीम रैंकिग में नंबर एक बने रहना चाहती है इसीलिये भारत का हर मैच अहम रहेगा।

दोनों टीमें इनमें से चुनेंगी अंतिम 11
भारत: विराट कोहली (कप्तान), लोकेश राहुल, मुरली विजय, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा ( विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा।
श्रीलंका: दिनेश चांडीमल (कप्तान), दिमुथ करूरत्ने, सदिरा समराविक्रम, लाहिरू थिरिमाने, निरोशन डिकवेल (विकेटकीपर), दिलरुवान परेरा, रंगना हेराथ, सुरंगा लकमल, लाहिरू गमागे, धनंजय डी सिल्वा, एंजेलो मैथ्यूज, लक्ष्मण संदकाना, विश्वा फर्नांडो, दसुन शनाका और रोशेन सिल्वा।

क्रिकेट खिलाड़ियों का ट्रैवल क्लास हुआ अपग्रेड


भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का ट्रैवल क्लास अपग्रेड हो गया है, अब खिलाड़ी किसी भी श्रृंखला के दौरान एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए अब बिजनेस क्लास में  सफर कर सकेंगे। इससे पहले खिलाड़ियों को इकोनमी क्लास में यात्रा करनी पडती थी। बता दें कि भारतीय खिलाड़ियों नें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से अपील की थी, जिसे क्रिकेट बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। खिलाड़ियों की मांग थी कि उनके ट्रैवल क्लास को अपग्रेड कर दिया जाये। खिलाड़ियों का कहना था कि यात्रा के दौरान कई बार फैंस उनसे सेल्फी लेने का आग्रह करते हैं जबकि ये उनके आराम करने का समय होता है। इससे उन्हें काफी दिक्कत होती है। कुछ खिलाड़ियों ने खुद को भीड़ से घिरने का हवाला दिया था, तो वहीं कुछ लंबे कद के खिलाड़ियों ने यह शिकायत की थी कि इकॉनमी क्लास में उनके पास आराम से बैठने लायक स्पेस नहीं होता है। इस प्रपोजल को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति ने दिल्ली में बैठक की थी। बैठक के बाद बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना ने बताया कि मीटिंग में इस बात को मंजूरी मिल गई है कि अब  खिलाड़ी बिजनेस क्लास में यात्रा करेंगे। अब कोई भी खिलाड़ी अगर नेशनल ड्यूटी पर होगा तो वो बिजनेस क्लास में यात्रा कर सकता है। पहले ये छूट सिर्फ कप्तान और कोच के लिए ही थी। खिलाड़ियों की अपील के बाद बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना ने प्रशासकों की समिति के पास ये मुद्दा उठाया था।

Tuesday, November 14, 2017

आज ही के दिन उतरे थे टेस्ट की पिच पर क्रिकेट के भगबान


क्रिकेट के भगबान और मास्टर ब्लास्टर कहे जाने बाले दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 28 साल पहले आज ही के दिन टेस्ट मैचों में अपना पहला मैच खेला था। आज अंताराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग सभी रिकार्ड सचिन के ही नाम हैं हांलांकि टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली उनके हर रिकार्ड के पीछे हाथ धोकर पडें हैं और कोहली काफी रिकार्ड सचिन के तोड भी चुके हैं। लेकिन कहना गलत नही होगा कि विश्व क्रिकेट में क्रिकेट का स्तर नही बदलता तो सचिन के किसी भी रिकार्ड को तोड पाना किसी के लिये भी आसान नही होता। जिन रिकार्डस को सचिन ने अपने नाम किये थे उसकी नींव 28 साल पहले आज ही के दिन यानि 15 नवंबर को पडी थी। 1989 में 16 साल 205 दिन के एक लड़के ने कराची के नेशनल स्टेडियम में टेस्ट पदार्पण किया था उस वक्त वह मुश्ताक मोहम्मद और आकिब जावेद के बाद सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाला तीसरा टेस्ट क्रिकेटर था तब किसी ने सोचा नहीं होगा कि यह लड़का एक दिन क्रिकेट में 'क्रिकेट का भगवान' कहलाएगा

पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में सचिन को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। इससे पहले पाकिस्तान पहली पारी में 409 रन बनाकर भारतीय बल्लेबाजों को दबाव में ला चुका था। इसका असर यह दिखा कि भारतीय टीम 41 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। जब सचिन बल्लेबाजी को उतरे तब भारत की हालत पतली थी। हांलांकी 16 साल का सचिन भी भारत की स्थिति ठीक नही कर सका। सचिन ने 24 गेंदों का सामना किया और दो चौकों की मदद से कुल 15 रन बनाए। सचिन को जिस पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने बोल्ड किया वह भी अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहा था, वो गेंदबाज कोई और नहीं वकार यूनुस था। भारत ने पहली पारी में 262 रन बनाए। पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी 305/5 के स्कोर पर घोषित कर दी और भारत को 453 रनों का टारगेट मिला। कृष्णमाचारी श्रीकांत की कप्तानी में भारतीय बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन (303/3) कर मैच ड्रॉ करा लिया, हालांकि सचिन को दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। उस समय कपिल देव अपना 100वां टेस्ट मैच खेल रहे थे। साथ ही मैच में 7 विकेट और एक अर्धशतक लगाकर और मैन ऑफ द मैच भी रहे।

इसी मैच से शुरू हुआ सचिन का टेस्ट सफर, जिसने विश्व क्रिकेट में कीर्तिमानों की झड़ी लगायी। हांलांकि कोहली उनके पीछे लगे हैं लेकिन टेस्ट मैचों में वनडे की तरह रिकार्डस का पीछा कर पाना आसान नही होगा। 24 साल के करियर के दौरान सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में कुल 200 टेस्ट मैच खेले। इसमें सचिन ने 53.78 की औसत से 15921 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 51 टेस्ट शतक और 68 अर्धशतक जमाए।

इसे संयोग ही माना जाएगा कि 2013 में सचिन ने अपने टेस्ट क्रिकेट की आखिरी पारी 15 नवंबर को ही खेली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 नवंबर को शुरू हुए मुंबई टेस्ट के दूसरे दिन सचिन 74 रन बनाकर लौटे।

Monday, November 13, 2017

आगामी टेस्ट सीरीज में लगेगी रिकार्डस् की झडी


भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 16 नंवबर से कोलकाता में शूरू होगा। इस सीरीज के दौरान कर्इ रिकार्ड बनते और टूटते दिखने की संभावना दिख रही है।
गौरतलब है कि तीन महीने पहले भारतीय टीम, श्रीलंकाई टीम का उसी की धरती पर क्रिकेट के तीनों प्रारूपों की सीरीज में सूपड़ा साफ कर के लौटी थी। अब तीन महीनों के बाद लंका की टीम भारत में तीन-तीन मैचों की टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज खेलने आ रही है। बता दें कि इन तीन महीनों में भारत ने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को रौंदा है जबकि लंका ने पाकिस्तान को हराया है। अब अपने घर पर खेले जाने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भी भारतीय टीम श्रीलंका पर अपना दबदबा बरकरार रखकर क्लीन स्वीप करती है, तो वह स्वदेश में खेले गए टेस्ट मैचों में जीत का शतक पूरा कर लेगी, इसके अलावा विराट कोहली भारत के सबसे सफल कप्तानों की सूची में दूसरे स्थान पर भी काबिज हो जाएंगे जबकि लंका की टीम भी भारत की धरती पर अपना पहला टेस्ट जीतने की भरपूर कोशिश करेगी। बता दें भारतीय टीम ने अब तक श्रीलंका से अपनी सरजमीं पर एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। दिलचस्प लगेगा सुनने में कि अगर भारत अपनी घरती पर जीत का शतक पूरा करता है तो ऐसे में श्रीलंका के नाम इस सीरीज में एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो सकता है, जिस पर उसे कतई नाज नहीं होगा। सीरीज के किसी एक मैच में भी उसे हार मिलती है तो उसका टेस्ट मैचों में हार का शतक पूरा हो जाएगा।
भारत अगर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने में सफल रहता है, तो उसकी घरेलू सरजमीं पर जीत की संख्या 100 पर पहुंच जाएगी और यह उपलब्धि हासिल करने वाला वह ऑस्ट्रेलिया (234) और इंग्लैंड (212) के बाद तीसरा देश होगा। भारत ने अब तक अपनी सरजमीं पर 261 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 97 में उसे जीत और 52 में हार मिली है जबकि 111 मैच ड्रा और एक टाई रहा है। अभी स्वदेश में सर्वाधिक जीत के रिकॉर्ड में भारत चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी सरजमीं पर 98 जीत दर्ज की हैं, लेकिन उसे दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक अपनी धरती पर कोई टेस्ट मैच नहीं खेलना है। इस लिहाज से भारत उससे पहले 100 का आंकडा पार कर सकता है।
भारत ने 1932 से अबतक 515 मैच खेले हैं जिनमें 158 में हार, 142 में जीत, 214 ड्रा और 1 मैच टाइ रहा है।
उधर श्रीलंका ने अब तक 264 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 99 टेस्ट उसने गंवाए हैं। एक और हार से वह 100 या इससे अधिक टेस्ट मैच गंवाने वाली दुनिया की आठवीं टीम बन जाएगी। टेस्ट खेलने वाले देशों में अभी श्रीलंका के अलावा जिंबाब्वे और बांग्लादेश भी इस सूची में शामिल नहीं हैं। इन तीनों टीमों को टेस्ट दर्जा काफी बाद में मिला था।

श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 16 नवंबर से कोलकाता में शुरू होगा जबकि अगले दो मैच नागपुर और नई दिल्ली में खेले जाएंगे। इस दौरान लंका की टीम भारत में अपना पहला टेस्ट जीतने की कोशिश करेगी। श्रीलंका अब तक भारत में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है। उसने भारतीय सरजमीं पर 17 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से भारत ने दस में जीत दर्ज की जबकि बाकी सात ड्रा रहे। भारत ने इससे पहले सन 1993-94 में श्रीलंका के खिलाफ स्वदेश में क्लीन स्वीप किया है।

कोहली भी कप्तान के रूप इस टेस्ट सीरीज में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। अगर उनकी अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका का क्लीन स्वीप करती है, तो वह भारत के सबसे सफल कप्तानों की सूची में महेंद्र सिंह धोनी के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हो जाएंगे। कोहली की कप्तानी में भारत ने अब तक 29 टेस्ट मैचों में से 19 में जीत दर्ज की है। इस समय वह धोनी (60 टेस्ट में 27 जीत) और सौरव गांगुली (47 टेस्ट में 21 जीत) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। यही नहीं कोहली के पास भारतीय सरजमीं पर भी सर्वाधिक टेस्ट जीतने वाले कप्तानों की सूची में भी दूसरे स्थान पर पहुंचने का मौका रहेगा। अभी धोनी (30 मैचों में 21 जीत) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (20 मैचों में 13 जीत) उनसे आगे हैं। कोहली के नेतृत्व में भारत ने स्वदेश में 16 टेस्ट मैचों में से 12 में जीत दर्ज की है। इसके अलावा कोहली 20 या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों में जीत दर्ज करने वाले दुनिया के 19वें कप्तान भी बन जाएंगे। उन्हें हालांकि दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ (109 टेस्ट में 53 जीत) के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना होगा।

विराट के अलावा लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अब श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। अश्विन ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच श्रीलंका के खिलाफ ही अगस्त में खेला था। 16 नवंबर से खेले जाने वाली 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में अश्विन एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर अपनी वापसी को यादगार बना सकते हैं। दरअसल, अश्विन के पास एक बार फिर कंगारू गेंदबाज डेनिस लिली को पछाड़ने का मौका है। आपको बता दें कि टीम इंडिया के इस फिरकी गेंदबाज ने अब तक 52 मैचों में 25.26 के औसत से 292 विकेट झटके हैं और वह 300 विकेट पूरे करने से महज 8 विकेट दूर हैं। अश्विन श्रीलंका के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में अगर ऐसा करने में कामयाब रहते हैं, तो वह सबसे तेज 300 टेस्ट विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। डेनिस लिली की बात करें तो उन्होंने 56 टेस्ट मैचों में 300 विकेट पूरे किए थे, जबकि अश्विन ने अभी सिर्फ 52 टेस्ट ही खेले हैं।
आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में ही अश्विन ने टेस्ट में सबसे तेज 250 विकेट डेनिस लिली को ही पीछे छोड़ा था। हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच के दौरान अश्विन ने ये कारनामा किया था। अश्विन ने यह उपलब्धि अपने 45वें टेस्ट मैच में हासिल की थी जबकि डेनिस लिली को 250 टेस्ट विकेट तक पहुंचने के लिए 48 टेस्ट मैच खेलने पड़े थे।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम
विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे (उप कप्तान), लोकेश राहुल, मुरली विजय, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और इशांत शर्मा.

टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
पहला टेस्ट - 16-20 नवंबर, कोलकाता
दूसरा टेस्ट - 24-28 नवंबर, नागपुर
तीसरा टेस्ट - 2-6 दिसंबर, दिल्ली

तीन साल पहले आज ही के दिन बने थे 264 रन


वनडे क्रिकेट में किसी एक बल्लेबाज द्रारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर 264 रन आज ही के दिन तीन साल पहले बना था। बता दें कि भारत और और श्रीलंका के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज 16 नवंबर से शुरू हो रही है। सिरीज का पहला मैच कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा जहां 3 साल पहले आज ही के दिन टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पारी खेली थी।
श्रीलंका के ही खिलाफ खेले जा रहे 5 वनडे मैचों की सीरीज के चौथे मैच में भारत ने टौस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत ने 404 रन वनाये। पारी की अंतिम गेंद पर आउट होने से पहले रोहित ने 173 गेंदो का सामना करते हुये 33 चौके और 9 छक्कों की मदद से 264 रन बनाये। आज तक कोई बल्लेबाज उनके इस रिकार्ड को नहीं तोड़ पाया है। यह रोहित शर्मा का वनडे क्रिकेट में दूसरा दोहरा शतक था और ऐसा करने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। भारतीय टीम के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका टीम 251 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी और मैच 153 रन से हार गई थी। बता दें कि एक साल पहले 2013 में रोहित शर्मा ने 2 नवंबर को बेंगलुरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार 209 रनों की पारी खेली थी। यह उनका पहला दोहरा शतक था। चिन्नास्वामी स्टेयडियम में हुए इस मैच में रोहित ने चौकों से ज्यादा छक्के लगाए थे। उनकी पारी में 12 चौके और 16 छक्के शामिल थे। इसके साल भर बाद ही रोहित ने यहां कोलकाता में अपना ही रिकार्ड तोडते हुये वनडे का सर्वाधिक व्यकितगत स्कोर अपने नाम किया।