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Saturday, November 04, 2017

83 साल का हुआ रणजी टूर्नामेंट


इन दिनों रणजी ट्रॉफी का 84वां सीजन जारी है। रणजी ट्रॉफी के इतिहास की बात करें, तो इसकी शुरुआत आज ही दिन (4 नवंबर को) 83 साल पहले 1934 में हुई थी। इस मैच की खास बात यह रही थी कि रणजी का वह पहला मैच आज ही के दिन शुरू होकर आज ही दिन खत्म भी हो गया था। यानी तब तीन दिन के इस रणजी मुकाबले का फैसला एक ही दिन में हो गया था।
4 नवंबर 1934 को महान केएस रणजीत सिंहजी के नाम पर रणजी ट्रॉफी की शुरुआत हुई थी और उस दिन पहला मैच चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मद्रास और मैसूर के बीच शुरू हुआ था। मैसूर की पहली पारी 27.2 ओवरों में महज 48 रनों पर सिमट गई. जबकि मद्रास की टीम भी अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना पाई और 43 ओवरों में 130 रन पर ऑल आउट हो गई. यानी मद्रास को 82 रनों की बढ़त मिल गई। इसके बाद दूसरी पारी में मैसूर की टीम 30.3 ओवर में 59 रन पर ढेर हो गई. और मद्रास ने एक ही दिन में पारी ओर 23 रनों से वह मुकाबला जीत लिया।
रणजी के रिकार्ड की बात करें तो इस टूर्नामेंट को सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकार्ड मुम्बर्इ (41) के नाम है। इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन वसीम जाफर (10143) और सबसे ज्यादा विकेट राजेनद्र गोयल (645) के नाम दर्ज हैं।
पिछले साल गुजरात पहली बार रणजी का चैंपियन बना था।

Friday, November 03, 2017

टेस्ट क्रिकेट में आज ही के दिन उतरा था नजफगढ़ का नबाब


1999 में वनडे करियर की धमाकेदार शुरुआत कर चुके भारत के पूर्व सलामी विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने सन 2001 में आज ही के दिन यानी 3 नवंबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलकर टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने पहले ही मैच में सहवाग ने 6वें नम्बर पे खेलते हुए सचिन के साथ 220 रनों की साझेदारी करते हुए शानदार 105 रन बनाए। हालांकि भारत यह मैच 9 विकेट से हार गया था लेकिन सहवाग ने वनडे में मिली शानदार कामयाबी को टेस्ट में भी दोहराने के अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे।
विरोधी गेंदबाजों में डर पैदा करने वाले सहवाग के जीवन का अहम लम्हा 2004 में आया, जब उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में 309 रनों की पारी खेली और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने के साथ ही 'मुल्तान के सुल्तान' का उपनाम भी पाया।
इसके चार साल बाद ही सहवाग ने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 319 रनों की पारी खेली इस पारी में सहवाग ने महज 278 गेंदों में तिहरा शतक जड़ डाला, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज तिहरा शतक है। सहवाग टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दो तिहरे शतक जड़ने वाले महज चार बल्लेबाजों में सहवाग भी एक हैं। वो दिन कौन भूल सकता है जब सहवाग मात्र 6 रन से तिहरे शतक से चूक गए थे। पाकिस्तान के खिलाफ राहुल द्रविड़ के साथ 410 रनों की ओपेनिंग साझेदारी करते हुए सहवाग ने 294 रन बनाए थे। अगर सहवाग 6 रन और बना लेते तो आज टेस्ट मैचों में 3 तिहरे शतक लगाने वाले एक मात्र बल्लेबाज होते।
सहवाग के टेस्ट आंकड़े- अपने 12 साल के टेस्ट करियर के दौरान छह दोहरे शतक जड़ने वाले सहवाग ने सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के बीच सॉलिड इंडियन ओपनर के रूप में पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सहवाग ने 104 टेस्ट मैचों की कुल 180 पारियों में 6 बार नाबाद रहते हुए 49.34 की औसत से कुल 8586 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 23 शतक, 6 दोहरे शतक और 32अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में भी सहवाग ने हाथ दिखाते हुए 40 विकेट अपने नाम दर्ज किए। सहवाग ने 104 टेस्ट में 49.34 की औसत से 8586 रन बनाए. जिनमें उनके 23 शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं।

Tuesday, October 31, 2017

दिल्ली में पहला टी20 आज, नेहरा की होगी विदाई


एकदिवसीय सीरीज में न्यूज़ीलैंड को 2-1 से हराने के बाद अब टीम इंडिया दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर टी20 सीरीज का पहला मैच खेलने उतरेगी। टीम इंडिया यहां पहला बार कोई टी20 अंतरष्ट्रीय मैच खेलने जा रही है जबकि न्यूज़ीलैंड की टीम कोटला में अपना पहला मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में खेल चुकी है। यह मैच न्यूज़ीलैंड 7 विकेट से हार गयी थी। वनडे सीरीज में मिले रोमांच के बाद क्रिकेट प्रेमी तीन मैचों की इस टी20 सीरीज को भी रोमांचक होना बता रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया को पहली बार कोई टीम बराबर की टक्कर देती हुई नज़र आरही है। कहना गलत नही होगा कि अगर न्यूज़ीलैंड को किस्मत का थोड़ा भी सहारा मिला होता तो सीरीज का परिणाम कुछ और ही होता। फ़िलहाल भारतीय टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए हर सीरीज में विपक्षी टीम को धूल चटा रही है और अब मौजूदा टी20 सीरीज को जीतकर न्यूज़ीलैंड को खाली हाथ घर भेजना जरूर चाहेगी जबकि न्यूज़ीलैंड की टीम एकजुट होकर प्रदर्शन का स्तर उठाकर वनडे सीरीज में मिली करीबी हार का हिसाब बराबर करना जरूर चाहेगी।
नेहरा आज लेंगे क्रिकेट से विदाई
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा आज अपना आखिरी अंतरष्ट्रीय मैच खेल कर क्रिकेट से विदाई ले लेंगे। सन 1999 में श्री लंका के विरुद्ध अंतरष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज करने वाले आशीष नेहरा अब तक कुल 17 टेस्ट, 120 वनडे और 26 टी20 मैच खेल चुके हैं। लगभग 20 साल के करियर में 163 मैच खेल चुके आशीष नेहरा कई बार चोटों से जूझते रहे हैं, कुल 12 बार हुए उनके ऑपरेशन इसका सबूत देते हैं लेकिन इसके बाबजूद उनमे उर्जा की कमी कभी नही देखी गई।
2003 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ 23 रन देकर 6 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने वाले बांये हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा 38 की उम्र में भी अपनी तेजी से किसी युवा गेंदबाज को टक्कर देते है।  जहीर खान के साथ गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए आशीष नेहरा ने कई बार विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को अपनी स्विंग और तेजी से डराया है। नेहरा ने 17 टेस्ट मैचों में कुल 44 विकेट हासिल किए जबकि 2001 में जिम्बाब्बे के खिलाफ अपने वनडे क्रिकेट की शुरुआत करते हुए कुल 120 मैचों में गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने 157 विकेट हासिल किए। टी20 मैचों में 34 विकेट हासिल करने वाले इस बांये हाथ के तेज गेंदबाज ने अपना आखिरी टी20 मैच इसी साल फरबरी में इंग्लैंड के विरुद्ध खेला था।


38 की उम्र में आखिरी मैच खेलेंगे आशीष नेहरा


2003 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ 23 रन देकर 6 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने वाले बांये हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 मैच खेलने के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। लगभग 20 साल के करियर में 163 मैच खेल चुके आशीष नेहरा कई बार चोटों से जूझते रहे हैं, कुल 12 बार हुए उनके ऑपरेशन इसका सबूत देते हैं लेकिन इसके बाबजूद उनमे उर्जा की कमी कभी नही देखी गई। 38 की उम्र में भी उनकी तेजी किसी युवा गेंदबाज को टक्कर देती है। जहीर खान के साथ गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए इस बांये के तेज गेंदबाज ने कई बार विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को अपनी स्विंग और तेजी से डराया है। 1999 में श्री लंका के खिलाफ टेस्ट में आगाज करने वाले नेहरा ने 17 टेस्ट मैचों में कुल 44 विकेट हासिल किए जबकि 2001 में जिम्बाब्बे के खिलाफ अपने वनडे क्रिकेट की शुरुआत करते हुए कुल 120 मैचों में गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने 157 विकेट हासिल किए। वहीं 26 टी20 अंतरष्ट्रीय मैचों में कुल 34 विकेट अपने नाम किये।

Sunday, October 29, 2017

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच एकदिवसीय सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच


भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच एकदिवसीय सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच आज कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में दोपहर 1:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमें एक एक मैच जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी पर हैं। अगर भारत आज का मैच जीतने में कामयाब रहता है तो चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़कर भारत की लगातार सांतवी द्विपक्षीय सीरीज में जीत होगी। इससे पहले भी भारत 2007 से 2009 के बीच लगातार 6 वनडे सीरीज़ जीत चुका है।अब भारत अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब है। पिछले साल भारत दौरे पर आयी न्यूज़ीलैंड टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी हालांकि भारत सीरीज को 3-2 से जीतने में कामयाब रहा था। ग्रीनपार्क में जब न्यूज़ीलैंड की टीम भारत के खिलाफ सीरीज के अंतिम मैच में उतरेगी तो उसकी नजरें भारत को पटखनी देकर पिछली सीरीज में मिली हार का बदला लेने पर होंगी। कानपुर में रिकॉर्ड की बात करें तो भारत ने यहां कुल 13 मैच खेले हैं जिसमें उसने 9 मैचों में जीत दर्ज की है। 
भारत का मौजूदा प्रदर्शन देखने के बाद यहां इस मैच में कीवी टीम को हराना कोई 
कठिन कार्य नही लग रहा है हालांकि न्यूज़ीलैंड ने मुम्बई में खेले गये सीरीज के 
पहले ही मैच भारत को हराकर सीरीज में रोमांच पैदा कर दिया था और भारत को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया था जहां से भारत को अगला मैच जीतना जरूरी हो गया था हालांकि भारत ने पुणे में अगला मैच जीतकर सीरीज में बराबरी कर ली। बता दें कि एकदिवसीय सीरीज के आज आखिरी मैच के बाद दोनों टीमों को तीन 20 मैचों की सीरीज भी खेलनी है। सीरीज का पहला मैच 1 नवंबर को दिल्ली में खेला जाएगा।

Thursday, October 05, 2017

क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में नंबर एक बनने का सुनहरा मौका


ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराकर अब भारतीय टीम की नजरें टी20 में भी नंबर एक बनने पर हैं। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट और वनडे रैंकिंग में नंबर एक की पोजीशन पर है। अगर टीम इंडिया आगामी टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को हरा देती है तो टी20 रैंकिंग में बड़ी उछाल मारने में कामयाब हो जाएगी।  गौरतलब है कि इंडिया ने हाल ही में श्री लंका को टी20 सीरीज में 3-0 से हराया था। इसके बाद वनडे सीरीज में कंगारुओं को 4-1 से शिकस्त देने के बाद टीम इंडिया अब टी-20 सीरीज में भी उनको पीटने के लिए तैयार हैं। विराट की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम इन दिनों काफी आक्रामक क्रिकेट खेल रही है और वह विपक्षी टीमों के खिलाफ कोई रहम नहीं दिखाती है। ऐसे में टीम इंडिया टी-20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का 3-0 से व्हाइट वॉश करती है, तो इसमें कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी। आईसीसी की टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया फिलहाल 116 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है। अगर विराट ब्रिगेड कंगारुओं के खिलाफ 3-0 से टी-20 सीरीज जीत जाती है,  तो वह पाकिस्तान को पछाड़ कर आईसीसी टी-20 रैंकिंग में नंबर दो पर पहुंच जाएगी। बता दें कि टीम इंडिया, ऑस्ट्रेलिया के बाद न्यूजीलैंड से भी टी-20 सीरीज खेलेगा,  ऐसे में उसके पास टी-20 रैंकिंग में भी नंबर 1 बनने का मौका है। टीम इंडिया की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहना कोई गलत नही होगा कि भारत के लिए टी20 में बादशाह बनना कोई मुश्किल काम है। अगर टीम ऐसा करने में कामयाब होती है तो वह साउथ अफ्रीका के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकती है।  फिलहाल आईसीसी की टी-20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड 125 अंकों के साथ टॉप पर है,  वहीं पाकिस्तान 121 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है। कंगारू टीम के खिलाफ टी-20 सीरीज के बाद टीम इंडिया को आईसीसी टी-20 रैंकिंग की मौजूदा टॉप टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में सिर्फ 2-1 सीरीज जीत से भारतीय टीम टेस्ट और वनडे के बाद टी-20 की बादशाहत भी हासिल कर लेगी। इसी के साथ ही टीम इंडिया पहली बार आईसीसी रैंकिंग में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स (टेस्ट, वनडे टी-20) की बादशाह बनकर इतिहास रच देगी। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में नंबर 1 बनने का कारनामा अब तक सिर्फ साउथ अफ्रीका ही कर पाई है। ऐसे में टीम इंडिया के पास साउथ अफ्रीका की बराबरी करने का बड़ा मौका है।


Sunday, October 01, 2017

सीरीज की आख़िरी जंग आज नागपुर में

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एकदिवसीय सीरीज का आखिरी मुकाबला आज नागपुर में खेला जाएगा। दोनों टीमें शुक्रवार को ही यहां पहुंच कर अभ्यास में जुटी हुई हैं। टीम इंडिया सीरीज के शुरुआती तीन मैच जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। यह मुकाबला भारत के लिए एक वजह से और काफी खास है कोहली सेना इसे जीतकर वनडे में एक बार फिर से नंबर वन टीम का ताज हासिल करना चाहेगी गौरतलब है ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे वनडे में 21 रनों से मिली हार के साथ ही भारत ने आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन की पोजिशन भी गंवा दी है, इंदौर वनडे में जीत हासिल कर भारत ने नंबर की पोजिशन पाई थी लेकिन बेंगलुरु में हार के बाद भारतीय टीम नंबर वन की पोजिशन गंवा दी अब लेकिन भारत के पास दोबारा नंबर वन बनने का मौका है अगर भारत नागपुर में जीत हासिल कर ले लेकिन पिछले मैच में भारत को 21 रनों से हराकर ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत के सूखे को ख़त्म कर चुकी है। गौरतलब है ऑस्ट्रेलिया को विदेशी धरती पर 13 मैचों के अंतराल पर जीत नसीब हुई है और अब उसकी निगाहें नागपुर वनडे को जीतकर सीरीज के सुखद अंत पर होंगी जबकि टीम इंडिया सीरीज के आखिरी मैच को अपने नाम करके वापस जीत के ट्रैक पर आना चाहेगी  और वनडे में एक बार फिर से नंबर वन टीम का ताज हासिल करना चाहेगी। पिछले मैच में विराट कोहली ने अपने मुख्य गेंदबाजों को आराम देकर उमेश यादव, मोहम्मद शमी और अक्षर पटेल को मौका दिया था। इन गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया ने 334 रनों का स्कोर बनाया था। अब देखना होगा कि विराट कोहली नागपुर में उतरेंगे तो किस टीम के साथ खेलना पसंद करेंगे। शिखर धवन और लोकेश राहुल को अंतिम मैच में मौका मिलेगा या नही ये आज टॉस के बाद साफ हो जाएगा। नागपुर में आंकड़ो पर नजर डालें तो इस मैदान पर पहला वनडे मैच और आखिरी वनडे मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ही हुये हैं। ये दोनों ही मुकाबले भारत ने जीतें हैं। भारत ने यहां खेले कुल 4 में से यही दोनों मैच अपने नाम किये है जबकि अन्य मुकाबलों में उसे साउथ अफ्रीका और श्री लंका से हार झेलनी पड़ी है।